वाहर से आऐ हुऐ लोग नही दिखा रहे है कोरोनावायरस के प्रति गम्भीरता!

ग्रामीण अंचलों में बड़ी तादाद में आ रहे लोग नही हो रहे है क्वांरटीन और होम क्वांरटीन!

शासन प्रशासन को देना होगा बिशेष ध्यान

ईंटों। जालौन।
कोरोनावायरस की महामारी को देखते हुए राज्य सरकारों ने अपने अपने राज्य के दूसरे प्रान्तो मे नौकरी धन्धा मेहनत मजदूरी कर रहे लोगों को अपने राज्य और घरों में वापस बुलाने के लिए बसों आदि वाहनों की ब्याबस्था की है। जिससे वाहर रह रहे लोग अपने अपने घर वापस आ रहे है। सरकार के विशेषज्ञों ड़ाक्टर आदि सभी का कहना है कि जो भी लोग वाहर से आ रहे है। सभी लोग अपनी जांच करवाऐ और सावधानी बरत्ते हुए हर एक गांव में सरकार द्वारा बनवाऐ गये।क्वांरटीन सेन्टरों में या फिर अपने घरों में 14 दिनों तक होम क्वांरटीन रहे। अपने घर में परिवार के हर एक सदस्य से दूरी बनाए रखें। लेकिन वाहर से आऐ हुऐ लोग ऐसा नही कर रहे है।क्वांरटीन और होम क्वांरटीन रहने से परहेज कर रहे है। और 14 दिनों तक घर परिवार गांव वालों से दूर रहने को अपनी बेइज्जती समझ रहे है। जागरूकता नही दिखा रहे है। थाना गोहन के कस्बा ईंटों क्षेत्र के ग्रामों में सैकड़ों की संख्या में दिल्ली बम्बई गुजरात महाराष्ट्र अहमदाबाद आदि प्रान्तो से लोग अपने वाहनो से भी आऐ है और लोगों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है। परन्तु वाहर से आ रहे लोग जागरूकता नही दिखा रहे है। और ना ही कोरोनावायरस से बचाव के लिए दिऐ गये दिशा निर्देशों का पालन कर रहे है। और गांवों में सुरक्षित रह रहे लोगों की जिन्दगी खतरे में डाल रहे है।ग्राम सभा पिचौरा में करीब एक सैकड़ा लोग वाहर से आऐ हुऐ हैं। और एक भी ब्यक्ति क्वांरटीन नही है। ना तो सरकार द्वारा बनवाऐ गये क्वांरटीन सेन्टर में रह रहे है।और ना ही होम क्वांरटीन हो रहे है।जितने भी लोग वाहर से आऐ है सभी एक दूसरे से मिलजुल कर रह रहे है। सावधानी नही दिखा रहे है! ग्राम प्रधान जगरूप सिंह राठौर से बात करने पर उन्होंने बताया है कि गांव मे वाहर से आऐ हुऐ लोगों में कोई भी हमारी बात नही मान रहा है। सभी अपने अपने घरों में रह रहे है। उपजिलाधिकारी लेखपाल पुलिस सचिव और डिउटी कर रहे अध्यापक ने सभी ने कहा है कि वाहर से आऐ हुऐ लोगों को अपने घरों में रहने दो। और अपना खाना खाने दो।पूर्व में जो लोग वाहर से आऐ थे उन सबको सरकारी विघालय में बने क्वांरटीन सेन्टर में रखा गया था।और सभी को खाना पीना अपनी जेब से करवाया था। जिसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। आगे आने वाले लोगों के खाना पीना के लिए बजट नही है। जनपद में तेजी से कोराना वायरस पीड़ित मरीज बढ़ रहे है।और गांवों में लोग सजगता नही दिखा रहे है। लोग सतर्क नही हो रहे हैं कोरोनावायरस से फैली प्राण घातक बीमारी के प्रति गम्भीरता नही रहे है। शासन प्रशासन और ग्राम के प्रधान और जिम्मेदारों ने अगर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में जरा सी भी कौताही बरती तो परिणाम बहुत भंयकर हो सकते है। ग्रामीण अंचलों में अगर कोरोनावायरस की महामारी ने दस्तक देदी तो सभी के लिए सम्भालना मुस्किल हो जायेगा। इसलिए हर एक नागरिक को सावधानी बरतनी होगी। और महामारी को मिटाना होगा। हर ब्यक्ति को जागरूकता दिखाकर कोरोनावायरस को फैलने से रोकना होगा। शासन प्रशासन का सहयोग करना होगा। शासन प्रशासन को भी ग्रामीण क्षेत्र में वाहर से आ रहे लोगों पर नजर रखनी होगी।और उन्हें सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना होगा।जरा सी भी असावधानी तबाही मचा सकती है।